

🚨 सहारनपुर में प्रेम–प्रसंग का हाईवोल्टेज ड्रामा: प्रेमी की शादी रोकने पहुँची प्रेमिका से मारपीट, भीड़ बनाम पीड़िता के आरोपों में उलझा केस, पुलिस जाँच में जुटी 🚨
उत्तर प्रदेश के रामपुर मनिहारान, सहारनपुर इलाके में एक विवाह समारोह उस समय रणभूमि में बदल गया, जब प्रेमी की बारात में पहुँची प्रेमिका ने शादी रोकने की कोशिश करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया और कुछ ही देर में मामला मारपीट और संगीन आरोपों तक जा पहुँचा।
मिली जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय महिला पूनम को जैसे ही यह पता चला कि उसका कथित बॉयफ्रेंड सुनील सीखेड़ा गाँव, रामपुर मनिहारान में बारात लेकर पहुँच चुका है, वह बिना देर किए कार्यक्रम स्थल पर जा पहुँची। वहाँ पहुँचकर उसने दूल्हे को खरी–खोटी सुनाते हुए सार्वजनिक रूप से ललकारा, “एन्जॉय मेरे साथ किया… और शादी किसी और से करेगा?” इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से बारात में अफरा–तफरी फैल गई।
घटनास्थल पर मौजूद करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की भीड़ ने पहले उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा बढ़ने पर तनाव बेकाबू हो गया। देखते ही देखते बारात पक्ष से कुछ लोगों ने महिला का विरोध किया और आरोप है कि भीड़ में शामिल कई लोगों ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान महिला पूनम से मारपीट किए जाने की बात सामने आई, जिससे वह गंभीर रूप से सहमी और घायल अवस्था में दिखाई दी।
सूचना मिलते ही मौके पर थाना कोतवाली पुलिस, रामपुर मनिहारान पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस के पहुँचने के बाद पूनम ने भीड़ पर कपड़े फाड़ने, अमर्यादित व्यवहार करने और बुरी तरह पीटने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उसने यह भी दावा किया कि उसे बेइज्जत करने की नियत से हमला किया गया।
दूसरी ओर, बारात पक्ष के कुछ लोगों का कहना है कि महिला ने समारोह में पहुँचकर सार्वजनिक अशांति फैलाने और दूल्हे की छवि खराब करने का प्रयास किया था, जिसके चलते विवाद उत्पन्न हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो X (Twitter) और Instagram पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला से बदसलूकी और धक्कामुक्की के दृश्य साफ़ नज़र आ रहे हैं। वीडियो की प्रामाणिकता और घटनाक्रम के सटीक संदर्भ की जाँच अभी पुलिस कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामला प्रेम–प्रसंग, धोखाधड़ी के दावे, मारपीट और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से जुड़ा हो सकता है। एसएचओ राधेश्याम यादव ने बयान जारी करते हुए कहा कि “सभी आरोपों की गहनता से जाँच की जा रही है। किसी भी पक्ष को बिना तथ्यों के दोषी नहीं ठहराया जा सकता। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायतकर्ता को सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।”
सहारनपुर पुलिस साइबर सेल भी वीडियो और सोशल मीडिया दावों का तकनीकी विश्लेषण कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना को कौन, क्यों और कैसे भड़काया गया।
यह घटना शिक्षा और जागरूक समाज की ज़रूरत के बीच यह संदेश भी छोड़ती है कि व्यक्तिगत विवाद जब सार्वजनिक समारोहों में पहुँचते हैं, तो वे सामाजिक समरसता और कानून–व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।
✍️ रिपोर्ट: एलिक जॉन सिंह, | संपर्क: 8217554083
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